Categories: Uncategorized

देवकी की स्तुति: भगवान का अव्यक्त रूप

महाभारत और भगवद् गीता में माता देवकी ने भगवान कृष्ण के अव्यक्त रूप का विशेष वर्णन किया है। यह रूप समस्त गुणों से रहित, विकारहीन, और ब्रह्म ज्योति स्वरूप है। देवकी के अनुसार, यही रूप भगवान विष्णु का है जो समस्त ब्रह्माण्ड के पीछे छिपे कारण और निराकार सत्ता के प्रतीक हैं।

इस श्लोक का उद्देश्य भगवान की अनिर्वचनीय सत्ता और आलौकिक शक्ति का बखान करना है, जो ब्रह्माण्ड के संचालन का आधार है। यह उपदेश हमें याद दिलाता है कि देवता के कई रूप होते हैं और हर रूप अपने आप में एक विशेष संदेश लिए होता है।

sauvishproject@gmail.com

Recent Posts

महिंद्रा XUV 7XO के 120+ सेफ्टी फीचर्स का दावा

महिंद्रा XUV 7XO एक शानदार SUV है जिसमें कंपनी का दावा है कि 120 से…

4 weeks ago

हाई कोलेस्ट्रॉल से बचने के लिए 3 प्रमुख फूड्स

हाई कोलेस्ट्रॉल के जोखिम और बचावहाई कोलेस्ट्रॉल का स्तर आपके दिल की बीमारियों का खतरा…

4 weeks ago

2025 में अनूदित पुस्तकों की शिखर सूची

'साहित्य तक: बुक कैफे टॉप 10' में वर्ष 2025 की शीर्ष अनूदित पुस्तकों की सूची…

1 month ago

बेहतर नींद के लिए डॉक्टर वॉकर के 6 नायाब तरीके

बेहतर नींद के लिए डॉक्टर वॉकर के 6 नायाब तरीकेबहुत से लोग रात भर बिस्तर…

5 months ago

मुंबई में टेस्ला की पहली कार डिलीवरी शुरू

टेस्ला ने 15 जुलाई को बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC), मुंबई में अपना पहला शोरूम खोला था,…

5 months ago

चीन में विक्ट्री डे: किम जोंग उन की चर्चा

चीन में विक्ट्री डे: किम जोंग उन की चर्चाचीन में हुए विक्ट्री डे समारोह में…

5 months ago